Saturday, 11 October 2014

खान-पान और आन-बान


आम तौर पर देखा जाता हैं कि, घर के बड़े बुजुर्ग बाज़ार में बिकने वाली खाने-पीने की तली-भुनी चीजों को खाने से हमेशा रोकते रहते हैं, और घर में भी ज्यादातर उन चीजों को लाने से परहेज करते है। उनकी मानें तो ये चीजें हमें बीमार करती हैं। इनका शरीर पर खराब असर पड़ता है। यह तो घर-बाहर की बात हुई। देश-दुनिया में भी खाने-पीने को लेकर मामला अजीबोगरीब ही है। कब कहां किस कारण किसी चीज पर रोक लगा दी जाए कह नहीं सकते। फ्रांस को ही लीजिए सरकार ने टमाटर केचप के इस्तेमाल पर इस कारण पाबंदी लगा दी क्योंकि उनके हिसाब से केचप उनकी संस्कृति के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा था। यही नहीं उनकी मशहूर फ्रेंच फ्राइज़ का स्वाद केचप बेस्वाद कर रहा था। उनके अनुसार इससे न सिर्फ आने वाली पीढ़ी पर इसका गलत प्रभाव पड़ता बल्कि स्थानीय लोग फ्रेंच फ्राइज़ का असली जायका भी भूल जाते। 2०11 में सख्त कदम उठाते हुए फ्रांस सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में टमाटर केचप को दिन के भोजन में परोसने को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया। इसके कुछ महीने बाद ही 3 अक्टूबर 2०11 में ब्रिटिश अखबारद्बारा छापे गए एक लेख ने बताया कि फ्रांस के स्कूलों के लिए कानून बनाया गया है कि कुछ दिनों के लिए बच्चों को प्रोटीन डाइट के लिए मांसाहार भोजन दें। इस कानून से शाकाहारी भोजन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा। सरकार का मानना था कि स्थानीय कैंटीन को खाना परोसने के अलावा भी यहां के प्रसिद्ध व्यंजन के बारे में अपने ग्राहकों को कुछ अनोखी बातें बतनी चाहिए। कृषि एंव खाद्य मंत्री ब्रूनो ले मेरे कहते हैं की फ्रांस अपने भोजन की गुणवत्ता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं।
 ऐसी कुछ विचित्र बातें समोसे के लिए कही जाती हैं। सोमाली चरमपंथी समूह अल शबाब द्बारा समोसे को ईसाई देशों से करीबी समझा जाता है और फ्राइड तिकोने आकार वाली वस्तु को भी एक ईसाई मुल्क से जुड़ी हुई वस्तु मानते हैं। संबुसस (समोसे) को खाना या बेचना दोनों पर ही सोमाली में रोक लगा दी गई है। इसी तरह कुछ समय से सुर्खियों में छायी खाप पंचायत भी खान-पान को लेकर आनबान का फच्चर फंसाने में पीछे नहीं। 2०12 में उनकी ओर से कहा गया था की चाऊमीन का सेवन करने से मानव शरीर में कई तरह से हार्मोनल असंतुलन होता है जिस कारण बलात्कार जैसी घटनाएं राज्यों में बढ़ी हैं। इसी से मिलता-जुलता तर्क भी कुछ दिनों तक लोगो की जुबान पर चढ़ा रहा कि जो मांसाहरी है वे भी जिम्मेदार होते हैं रेप के लिए।

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